Eid-ul-Adha || Bakrid || Jammu and Kashmir || Moon-Sighting: जम्मू-कश्मीर में बुधवार को ईद-उल-अधा पूरे उत्साह, आस्था और भाईचारे के माहौल में मनाई गई। श्रीनगर से लेकर जम्मू, बुडगाम, बनिहाल, शोपियां और कुपवाड़ा तक हजारों लोग मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज अदा करने पहुंचे। लोगों ने अमन, तरक्की और आपसी सौहार्द की दुआ मांगी। इंसानियत, त्याग और करुणा का संदेश बुडगाम के मरकज़ी इमामबाड़ा में बड़ी संख्या में लोगों ने नमाज अदा की। अंजुमन-ए-शरी शियान के अध्यक्ष आगा सैयद हसन मोसावी अल-सफावी ने कहा कि ईद-उल-अधा इंसानियत, त्याग और करुणा का संदेश देती है। वहीं जम्मू की ईदगाह में भी हजारों नमाजी जुटे और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की। जामिया मस्जिद खदीके तालाब के शाही इमाम मुफ्ती इनायतुल्लाह कासमी ने लोगों को ईद की मुबारकबाद देते हुए प्रदेश में शांति और खुशहाली की दुआ की। बनिहाल में जेकेएनसी विधायक सज्जाद शाहीन ने भी लोगों को बधाई देते हुए जम्मू-कश्मीर की तरक्की की कामना की। अधिकांश राज्यों में 28 मई को ईद दरअसल, इस बार ईद की तारीख को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिला। जम्मू-कश्मीर में चांद दिखने के बाद 27 मई को बकरीद मनाई गई, जबकि देश के अधिकांश राज्यों में यह त्योहार 28 मई को मनाया जाएगा। चांद दिखने की अलग-अलग परंपराओं के चलते केंद्र सरकार ने भी छुट्टी की तारीख बदल दी।डीओपीटी ने दिल्ली और नई दिल्ली के केंद्रीय कार्यालयों में 28 मई को अवकाश घोषित किया है। सुप्रीम कोर्ट समेत कई संस्थानों ने भी अपने कार्यक्रमों में बदलाव किया है। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भी बकरीद की छुट्टी और परीक्षाओं की तारीखें बदली गई हैं। ये भी पढ़ें: बकरीद से पहले मुंबई की सोसायटी में बवाल, युवक पर ब्लेड से हमला और 25 बकरों की एंट्री से मचा घमासान